पीएम की तारीफ का हक, पर स्वतंत्रता सेनानी की आलोचना का नहीं : सुनीता फागना 

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : महिला कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुनीता फागना के नेतृत्व में आज कंगना रनौत द्वारा जो अपने साक्षात्कार में हमारे स्वतंत्रता सेनानी को लेकर बहुत ही गलत शब्दों में टिप्पणी की थी। इस को लेकर सेक्टर 11 चौकी में थाना प्रभारी को लिखित रूप में शिकायत दर्ज कराई ताकि कंगना रनौत पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। सुनीता फागना ने भारत सरकार से अनुरोध करते हुए कहाकि उनका पद्मश्री अवार्ड वापस लिया जाए।जो स्वतंत्रता सेनानी को लेकर बहुत ही गलत शब्दों में टिप्पणी करती है। गौरतलब है कि अपने बयानों को लेकर आए दिन चर्चा में रहने वाली रनौत ने गुरुवार को यह कहकर विवाद उत्पन्न कर दिया था कि भारत को ‘वास्तविक आजादी’ 2014 में मिली थी। रनौत ने इसके साथ ही वर्ष 1947 में देश को मिली आजादी को ‘भीख’ करार दिया था। अभिनेत्री ने पद्मश्री पुरस्कार दिए जाने के एक दिन बाद ही यह विवादित बयान दिया।
सुनीता फागना ने कहा कि अभिनेत्री कंगना रनौत का यह बयान कि 1947 में भारत को मिली आजादी ‘भीख’ थी, पूरी तरह गलत है। स्वतंत्रता के लिए देश के संघर्ष पर कंगना रनौत का बयान पूरी तरह गलत है। किसी को भी स्वतंत्रता आंदोलन पर नकारात्मक टिप्पणी करने का हक नहीं है। हालांकि महिला अध्यक्ष का कहना था कि वह नहीं जानती कि किस ‘भावना’ में अभिनेत्री ने यह बयान दिया। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव बलजीत कौशिक ने कहा कि कंगना रनौत प्रधानमंत्री मोदी के सात साल के कामकाज की तारीफ कर सकती हैं, लेकिन उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन की आलोचना करने का अधिकार नहीं है। इस मौके पर अंजू, गीता, पुष्पा, गायत्री, रीना,नेहा, सोनू, मनोज, नरेश, आरिफ खान, रंधावा फागना मौजूद थे।