छठी पूजा एक विश्वास का प्रतीक माना जाता है : कुसुम भाटी

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : समाजसेवी सतपाल भाटी की बैठक (आफिस) पर बनाए गए कृत्रिम तालाब में परिवारजनों ने छठ पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर कुसुम भाटी, सतपाल भाटी ने डूबते सूरज को अर्क देकर पूजा अर्चना की। इस अवसर पर कुसुम भाटी ने कहा कि छठ पर्व पूर्वचांल समाज के हिन्दूओं का सबसे वड़ा पर्व होता है। उन्होनें कहा कि लोगों के लिए छठी पूजा एक विश्वास का प्रतीक माना जाता है जो उनकी भावना पूर्जा अर्चना करते समय प्रकट होती है। उन्होनें कहा कि भविष्य पुराण में बताया गया है कि सूर्य भगवान की पूजा और इन्हें अध्र्य देने से स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती है। सूर्य देव को नमस्कार करने से भी सभी देवी देवताओं को नमस्कार हो जाता है। सतपाल भाटी ने कहा कि कार्तिक के महीने में सूर्य को अध्र्य देने से पूरे साल सूर्योपासना का फल प्राप्त होता है। इसलिए मनुष्य को कार्तिक के महीने में सूर्य की पूजा अवश्य करनी चाहिए। इस महीने की षष्ठी तिथि को अघ्टगामी सूर्य की अध्र्य देने से सुख संपदा की प्राप्ति की प्राप्ति होती है। इस मौके पर मुकेश कुमार झा, राजेश झा, विपिन शर्मा, सचिन शर्मा, बबलू, दिनेश, मंजू देवी, भावनी झा, नीतू शर्मा, अर्पण झा, शंकर सहित हजारो लोग मौजूद थे।