आगामी सत्र से सामाजिक कार्य में डिग्री पाठ्यक्रम शुरू कर रहा है जे.सी. बोस विश्वविद्यालय

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 11 जून। सामाजिक कल्याण क्षेत्र के लिए कुशल कार्यकर्ताओं की जरूरत को पूरा करने के लिए जे.सी. बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद आगामी शैक्षणिक सत्र से सामाजिक कार्य में स्नातक डिग्री पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है।
इस आशय की जानकारी देते हुए कुलपति प्रो दिनेश कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप लिबरल आट्र्स पाठ्यक्रमों पर विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि लिबरल आट्र्स पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को जीवन के वास्तविक कौशल प्रदान करते है, जिसमें गहन सोच, संचार, समस्याओं के रचनात्मक समाधान, आत्म-अभिव्यक्ति, अभिनव अनुसंधान, और आजीवन सीखने जैसे कौशल शामिल है। यह छात्र के लिए एक अच्छे करियर के विकल्प प्रदान करता है। विश्वविद्यालय समय-समय पर विद्यार्थियों में सामाजिक सरोकार की भावना को प्रेरित करने के लिए विभिन्न पहल करता रहा है और अब सामाजिक कार्य को लेकर पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वभर में विभिन्न प्रकार की विषम समस्याओं के समाधान में सामाजिक कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका होती है, इसलिए इस क्षेत्र में करियर की प्रबल संभावनाएं है। लिबरल आट्र्स एवं मीडिया स्टडीज संकाय के अंतर्गत विश्वविद्यालय पत्रकारिता एवं जनसंचार में बीए और एमए, अंग्रेजी में एमए और मल्टीमीडिया एवं एनिमेशन में बीएससी जैसे पाठ्यक्रम पहले से ही चला रहा है।
लिबरल आट्र्स एवं मीडिया स्टडीज संकाय के डीन प्रो. अतुल मिश्रा ने बताया कि सामाजिक कार्य में करियर का दायरा काफी विस्तृत है क्योंकि दुनिया भर में इस क्षेत्र में कुशल कार्यकर्ताओं की सख्त जरूरत है। फिर चाहे वह सरकारी क्षेत्र हो या निजी संगठन या गैर सरकारी संगठन। इन सभी क्षेत्रों में गरीबी, बाल शोषण, घरेलू हिंसा, मादक द्रव्यों के सेवन, बाल श्रम और कई अन्य समस्याओं जैसी स्थितियों से निपटने के लिए कुशल कार्यकर्ताओं की आवश्यकता होती है। इस प्रकार, सामाजिक कार्य में डिग्री रखने वाले स्नातकों के पास सामुदायिक विकास, शिक्षा, उद्योग, परामर्श, परिवार, पुनर्वास केंद्र, स्वास्थ्य देखभाल, महिलाओं, बच्चों, विकलांगता और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में रोजगार के कई अवसर होते हैं।
नए पाठ्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताते हुए प्रो. मिश्रा ने कहा कि सामाजिक कार्य में तीन वर्षीय स्नातक डिग्री पाठ्यक्रम 45 सीटों के साथ शुरू किया जा रहा है। पाठ्यक्रम में बुनियादी विषयों के अलावा डेटा साइंस जैसी नवीनतम कंप्यूटिंग तकनीकों की शामिल किया गया है, जिसकी उपयोगिता निरंतर बढ़ रही है।