चौधरी छज्जन सिंह रावत का अन्तिम संस्कार उनके पैतृक गांव भनकपुर में किया गया

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 12 जून। द्वितीय विश्व युद्ध के योध्दा सैनिक और भारतीय फौज में हवलदार के पद पर रहे 102 वर्षीय हवलदार चौधरी छज्जन सिंह रावत ने आज शनिवार को प्रातः 4:00 बजे अन्तिम सांस ली।
हवलदार चौधरी छज्जन सिंह रावत का आज 102 साल की लंबी उम्र में निधन हो गया है। चौधरी छज्जन सिंह रावत का अन्तिम संस्कार उनके पैतृक गांव भनकपुर में किया गया।
परिवहन मंत्री के बडे भाई पंडित टिपर चंद शर्मा ने सरकार की तरफ से कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा के कहने पर उनके  अंतिम संस्कार में समय पहुँचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी अन्तिम यात्रा में भनकपुर आस पास गावों के कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
गौरतलब है कि हरियाणा सरकार के परिवहन मंत्री मूलचन्द शर्मा के मीडिया एडवाइजर जोगेंद्र रावत के दादा थे हवलदार चौधरी छज्जन सिंह रावत। हवलदार चौधरी छज्जन सिंह रावत ने द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीय फौज में हवलदार के पद पर अपनी सेवाएं देकर विश्व में भारतीय सेना का लोहा मनवाया था और लड़ाई में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। इसके बाद उन्होंने 1962 भारत और चाइना लड़ाई में भी रहकर चीनी सैनिकों का डटकर मुकाबला कर अपनी सेवाएं दी थी।
वे जीवन की यात्रा पूरी करके अपने पीछे धर्मपत्नी धर्मपत्नी शांति देवी, एक पुत्र विजय सिंह रिटायर्ड हरियाणा रोडवेज, दूसरा पुत्र शेर सिंह रिटायर्ड एस्कॉर्ट, पौत्र जोगेंद्र सिंह रावत, पौत्र अजित सिंह इंस्पेक्टर नगर निगम पौत्र कोशिन्द्र रावत व 2 प्रपोत्र सहित पूरा परिवार छोड़कर इस दुनिया से चले गए है। अपने पीछे दो पुत्र व तीन पौत्र व 2 प्रपौत्र सहित पूरा परिवार छोड़ कर गए है।