तिनका-तिनका जेल रेडियो की पहल, फरीदाबाद से सिग्नेचर ट्यून लॉन्च  

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 14 जनवरी। नीमका जेल में है एक विशेष गायक उत्तर प्रदेश के 68 वर्षीय गजेंद्र। जिला जेल फरीदाबाद में पहुंचने से पहले वह ऑल इंडिया रेडियो इंदौर, मध्य प्रदेश में गायक हुआ करते थे। जेल में आते समय उन्होंने सोचा था कि यह उनके गायन करियर का अंत होगा, लेकिन उन्हें जो मिला वह किसी आश्चर्य से कम नहीं रहा। आज उन्हें जेल के एक रेडियो सिंगर की पहचान मिली है।

यह पहचान फरीदाबाद जेल रेडियो के लिए उनके द्वारा लिखे और गाए गए सिग्नेचर ट्यून से मिली है। 45 सेकंड का यह गाना सार्वजनिक रेडियो प्रसारण दिवस के अवसर पर तिनका तिनका फाउंडेशन द्वारा तिनका तिनका जेल सुधार के यूट्यूब चैनल पर जारी किया गया था। ये पॉडकास्ट भारत में विशेष पॉडकास्ट हैं जो पूरी तरह से जेल सुधारों के लिए समर्पित हैं। इन्हें  डॉ. वर्तिका नंदा एवं जय किशन छिल्लर जेल अधीक्षक फरीदाबाद द्वारा परिकल्पित, लिखित और आवाज दी गई है। गजेंद्र का सिग्नेचर ट्यून तिनका तिनका जेल रेडियो पॉडकास्ट के 33वें पॉडकास्ट में दिखाई दिया। बता दें कि हरियाणा में जेल रेडियो वर्तिका नंदा के दिमाग की उपज है। महानिदेशक कारागार हरियाणा मोहमद अकिल द्वारा भी जेल रेडियो को कोरोना के समय बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव कम करने के लिए बहुत ही अच्छा व उपयोगी  माना है। ये जेल रेडियो जेल सुधार के तिनका मॉडल पर आधारित है।                    फरीदाबाद जिला जेल का इतिहास

जिला जेल फरीदाबाद को भारत की आधुनिक जेलों में से एक माना जाता है। यह अपने चित्रों, मिट्टी के बर्तनों और कैदियों के अन्य कला और शिल्प कार्यों के लिए जाना जाता है जो हर साल सूरजकुंड मेले में प्रदर्शित होते हैं।

जेल रेडियो फरीदाबाद के बारे में

जिला जेल फरीदाबाद में जेल रेडियो का उद्घाटन 28 जनवरी, 2021 को कारा महानिदेशक के. सेल्वराज, जयकिशन छिल्लर, अधीक्षक और तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक वर्तिका नंदा द्वारा किया गया। जयकिशन छिल्लर को जेल सुधारों की दिशा में उनके असाधारण कार्य के लिए अरविंद कुमार, महानिदेशक, कारागार, मध्य प्रदेश द्वारा वर्ष 2021 का तिनका तिनका इंडिया अवार्ड प्रदान किया गया था। तिनका तिनका इंडिया अवार्ड्स वर्तिका नंदा द्वारा गठित विशेष पुरस्कार है जो जेल के कैदियों और जेल प्रशासकों को सालाना दिए जाते हैं। इन पुरस्कारों ने कला और रचनात्मकता के उत्सव के 7 साल पूरे कर लिए हैं।