पुलिस के शहीद जवानों को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर अमर शहीदों को दी गई श्रृद्धांजलि

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : डयुटि के दौरान अपनी जान की कुर्बानी देने वाले पुलिसकर्मियों की याद में हर साल पुलिस शहीदी स्मृति दिवस 21 अक्तूबर को भारत के सभी राज्यों में मनाया जाता है।

पुलिस कमिश्नर श्री विकास कुमार अरोडा ने शहीदों को श्रद्धा व सुमन श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पुलिस शहीदो के योगदान को भूलाया नही जा सकता। पुलिस के शूरवीरो ने अपनी डयुटि के दौरान कर्तव्य पालन करते हुए देश के लिए अपने प्राणो का बलिदान दिया है।

आज पुलिस लाईन में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर भारत देश के विभिन्न राज्यों में गत वर्ष 377 शहीद पुलिसकर्मियों की याद में श्रृद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। अब तक 35000 पुलिसकर्मी शहीद हुए है। पुलिस स्मृति दिवस पर जवानों द्वारा शहीदों की याद मे सलामी दी गई, पुलिस कमिश्नर श्री विकास कुमार अरोडा सहित डीसीपी सेंट्रल श्री मुकेश मल्होत्रा, डीसीपी बल्लबगढ़ श्री जयवीर सिंह, डीसीपी ट्रैफिक सुरेस कुमार हुडा, एसीपी हेड क्वार्टर श्री मुनिष सहगल के अलावा अन्य उच्च अधिकारी एवम पुलिसकर्मियों ने शहीदों को पुष्प श्रद्धा व सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

इस वर्ष हरियाणा पुलिस से सिपाही संदीप निवासी गांव कथुरा सोनीपत ने देश की आंतरिक शांति स्थापित करने के लिए 30 सितम्बर 2021 को अपने प्राणों का बलिदान दिया गया। कोरोना के दौरान फरीदाबाद में सहायक उप निरीक्षक होशियार सिंह 23 अप्रैल 2021 को, एसपीओ महावीर सिंह 2 मई 2021 को तथा चतुर्थ श्रेणी के कर्मी हुकम सिंह 8 मई 2021 को असमय काल के गाल में समाना पड़ा।

इसके अतिरिक्त इस अवसर पर फरीदाबाद में रह रहे श्री राजेश मेहता पुत्र शहीद सहायक उप निरीक्ष योगराज 22/जींद तथा सुनील पत्नी शहीद सिपाही सत्यवीर सिंह 404/मेवात को पुलिस कमिश्नर श्री विकास कुमार अरोडा द्वारा स्मृति चिह्न व शॉल भेंट करके सम्मानित किया गया तथा शहिदों के परिवारों की सुख-समृधि की कामना की गई।

जैसा कि विधित है कि 21 अक्तूबर 1959 मे सीआरपीएफ की तीसरी बटालियन की एक कंपनी को लददाख में हॉट स्प्रींग एरिया में तैनात थी। भारत – तिब्बत सीमा पर 21 जवानो की एक टुकडी गश्त कर रही थी तब ही चीनी फौज के एक बडे दस्ते ने घात लगाकर हमारे जवानो पर अटैक कर दिया। हमारे 21 जवानों ने चीनी आक्रमण करने वालों का डटकर मुकाबला किया और दुश्मनो को मार गिराया। लेकिन हमारे 10 शूरवीर जवान देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। ये देश के लिए गौरव की बात थी। तभी से इन बहादुर जवानों के बलिदान को पुलिस शहीदी स्मृति दिवस के रुप मे मनाया जाता है।