विश्वविद्यालय शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गुणवत्ता के लिए प्रतिबद्ध : कुलपति प्रो. दिनेश कुमार

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 10 जून। जे.सी. बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद द्वारा गैर-शिक्षण कर्मचारियों की कार्य कुशलता में दक्षता लाने के लिए ‘कार्यालय प्रक्रिया और आरटीआई अधिनियम, 2005’ पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी गैर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों हिस्सा ले रहे है।
कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने किया और विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के लिए इस तरह के कार्यक्रम की उपयोगिता एवं उद्देश्यों के बारे में बताया। केन्द्र सरकार के लोक शिकायत मंत्रालय उप निदेशक जितेंद्र सिहवाग उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता रहे। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. एस.के. गर्ग भी उपस्थित थे। सत्र का संचालन उप कुलसचिव (स्थापना) डॉ. मेहा शर्मा द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय के विस्तार से प्रशासनिक कामकाज बढ़ गया है, जिसे ध्यान में रखते हुए नई भर्तियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कामकाज में सुधार के लिए सभी कर्मचारियों, विशेष रूप से नवनियुक्त कर्मचारियों के लिए आवश्यक है कि वे विश्वविद्यालय के नियमों, विनियमों और प्रक्रियाओं का ज्ञान प्राप्त करें ताकि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कामकाज की दक्षता आ सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गुणवत्ता को बनाये रखने तथा सुधार लाने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को विश्वविद्यालय के विकास एवं प्रगति में योगदान देने का आह्वान भी किया।
इससे पहले, डॉ मेहा शर्मा ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया तथा तीन दिवसीय कार्यक्रम का विवरण प्रस्तुत किया, जिसमें कार्यालय प्रक्रियाओं, आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों और अकाउंट सॉफ्टवेयर की उपयोग पर विशेषज्ञ सत्रों का आयोजन एवं प्रशिक्षण दिया जायेगा।
उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता जितेंद्र सिहवाग ने नोटिंग, ड्राफ्टिंग और मैनुअल तैयार करने सहित विभिन्न कार्यालय प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कर्मचारियों को आधिकारिक दस्तावेजों और प्रक्रियाओं के प्रारूपण से परिचित कराने के लिए विभिन्न उदाहरणों प्रस्तुत किये तथा आधिकारिक दस्तावेजों को साझा किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने कार्यालय प्रक्रिया को लेकर अपनी शंकाओं से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका समाधान विशेषज्ञ वक्ता द्वारा किया गया।