महिलाओं एवं बच्चों के हित के लिए विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वित कर रहा है महिला एवं बाल विकास विभाग : अनीता शर्मा

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 13 जून। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला में उपायुक्त यशपाल के कुशल मार्ग दर्शन में लड़कियों और महिलाओं के के लिए अलग अलग स्कीमों और योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी/सीडीपीओ अनिता शर्मा ने बताया कि बे सहारा महिलाओं के रहने के लिए वन स्टाप सेंटर की व्यवस्था की गई है। वन स्टाप सेंटर द्वारा महिलाओं को प्रताड़ना पर पुलिस सहायता, मेडिकल सुविधा, कानूनी सहायता सहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि स्थानीय नागरिक हस्पताल/ बादशाह खान अस्पताल में सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार वन स्टाप सेंटर कार्य कर रहा है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटियों को शिक्षित करने के लिए मां बाप को प्रेरित किया जा रहा है।

ई लाभार्थी किसी समय गलत तथ्यों के आधार पर आपकी बेटी, हमारी बेटी स्कीम का पंजीकरण करवा लेते है या लाभ प्राप्त कर लेते है, तो धोखाधड़ी की पुष्टि हो जाने पर उसकी सदस्यता रद्द करके सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार उचित कानून कार्रवाई भी अमल में लाई जाती है।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि महिलाएं बाल विकास विभाग द्वारा किसी महिला के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा हो रही है तो वे तुरंत वन शाप सेंटर के 181 टोल फ्री नंबर पर तुरंत संपर्क करें। महिलाओं को हर संभव सुविधा सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशो के अनुसार तुरंत उपलब्ध करवाई जाएगी।

उन्होंने बताया एक जनवरी 2021 से परिवार पहचान पत्र भी सरकारी की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार अनिवार्य लागू कर दिया गया है।

महिला एवं बाल विकास विभाग की सूपरवाइजर पूनम ने बताया कि सरकार द्वारा जारी हिदायतो के अनुसार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत आपकी बेटी हमारी बेटी स्कीम चलाई गई है। इस स्कीम के तहत अनुसूचित जाति और बीपीएल परिवार की पहली बेटी पैदा होने पर तथा दूसरी व तीसरी बेटी पैदा होने पर सभी वर्गो की जातियों के परिवारों की बेटियों को इस स्कीम में शामिल किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस स्कीम के अनुसार सरकार द्वारा आपकी बेटी हमारी बेटी योजना के तहत बालिका के नाम बालिका के जन्म पर ₹21 हजार रुपये की धनराशि की एकमुश्त किस्त एलआईसी में बीमा पॉलिसी के लिए जमा करवाई जाती है। यह ₹21 हजार रुपये की धनराशि महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से एलआईसी को जमा करवाई जाती है। यह एलआईसी पॉलिसी बालिका के 1 वर्ष की आयु होने तक करवाई जानी सुनिश्चित है।

उन्होंने आगे बताया कि एलआईसी पॉलिसी के लिए लाभार्थी बालिका के माता-पिता द्वारा जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र आधार कार्ड सहित अन्य जरूरी कागजात महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में आंगनवाड़ी वर्कर के माध्यम से भिजवाए जाने सुनिश्चित किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि अट्ठारह वर्ष की आयु के उपरांत यह एलआईसी बीमा पॉलिसी मैच्योर होने के बाद लाभार्थी बालिका को मिलेगी मिलती है।