भीम अवॉर्ड मिलने पर विधायक राजेश नागर, सुभाष सुधा ने ओलम्पियन का किया सम्मान

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : पंचकूला में हरियाणा सरकार के भीम अवॉर्ड पाने वाले फरीदाबाद के दोनों ओलम्पियनों का विधायक राजेश नागर एवं विधायक सुभाष सुधा ने एमएलए फ्लैट में सम्मान किया।

इस अवसर पर विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि हरियाणा सरकार की खेल नीति पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ है। यही कारण है कि हमारे यहां से बड़ी संख्या में खिलाड़ी उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारी सरकार भी उन्हें देश में सबसे ज्यादा इनाम की राशि देकर हौंसला बढ़ाने का काम कर रही है। उन्होंने दोनेां खिलाडिय़ों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं विधायक राजेश नागर ने कहा कि दोनों खिलाड़ी उनके जिले से आते हैं। इसलिए उनका दोनों के साथ खास रिश्ता है। वह दोनों के लिए हमेशा मौजूद रहते हैं। इसलिए अलावा भी वह अपने क्षेत्र में खेलों के विकास के लिए सक्रिय हैं। नागर ने बताया कि तिगांव क्षेत्र में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंजूरी दे दी है। जिस पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा हम अपने क्षेत्र में खेल नर्सरियों के विकास पर भी काम कर रहे हैं। जिसके अच्छे नतीजे निकलकर सामने आ रहे हैं। विधायक नागर ने खिलाडिय़ों और उनके परिजनों को भीम अवॉर्ड मिलने पर बधाई दी और उन्हें आगे आने वाली पीढ़ी के लिए सहयोगी बनने की प्रेरणा दी।

आज पंचकूला के इंद्रधनुष सभागार में हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने खिलाडिय़ों को भीम अवॉर्ड प्रदान कि। जिसमें फरीदाबाद के दोनों ओलम्पियन भी शामिल रहे। हरियाणा सरकार द्वारा राष्ट्रीय एवं अतंरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों को भीम अवॉर्ड के अंतर्गत पांच लाख रुपये और हर महीने पांच हजार रुपये की मदद दी जाती है। गौरतलब है कि दोनों खिलाडिय़ों ने गत वर्ष टोक्यो में आयोजित पैरा ओलंपिक में शूटिंग के गोल्ड, सिल्वर व ब्रोंज मैडल जीते थे। जिसके बाद वह देश समेत हरियाणा के घर घर में सुर्खियां बन गए थे। तब भी विधायक राजेश नागर ने दोनों खिलाडिय़ों का दिल से स्वागत किया था। वहीं सिंहराज अधाना ने कोरोना में उनकी जीवन रक्षा करने के लिए नागर की खुले दिल से प्रशंसा की थी। अधाना ने कहा था कि अगर विधायक राजेश नागर का साथ नहीं मिलता तो शायद वह ओलंपिक खेल भी पाते, इसमें भी उन्हें शक था।