श्री सिद्धदाता आश्रम में दशहरा पर्व मनाने देश विदेश से पहुंचे भक्तगण

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : यह संसार दुखालय है, यहां सुख की कामना करने से दुख प्राप्त होता है। इससे बचने के लिए केवल एक नाम जप ही उपाय है। यह बात श्री सिद्धदाता आश्रम में आज आयोजित दशहरा पर्व पर जगदगुरु स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने भक्तों के बीच कही।

उन्होंने कहा कि जब तक हम सुख की कामना करते हैं तब तक हमें सुख प्राप्त नहीं होता है लेकिन जब हम भगवान की कामना करते हैं तो सुख स्वयं ही चलकर आता है। इसके लिए भगवान के नाम को जपना चाहिए। श्री गुरु महाराज जी ने कहा कि इस सुंदर मानव शरीर में वाणी भी भगवान की कृपा है जिसकी शोभा नाम से है। जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने कहा कि जिसने भगवान के नाम का सहारा लिया, वह सुखी हो गया। उन्होंने कहा कि आराम की तलब है तो एक काम कर, आ राम की शरण में और राम राम कर।

जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने कहा कि आज माता सिद्धिदात्री का दिवस है जो सभी को सबकुछ प्रदान करने वाली हैं। मैं भगवान और मां आद्या शक्ति से प्रार्थना करता हूं कि वह आप सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करें। इस अवसर पर देश और विदेशों से भारी जनसमूह यहां सम्मिलित हुआ। इनमें नौ दिन से अनुष्ठान में शामिल रहे भक्त भी शामिल हुए। यहां आश्रम स्थापना काल से ही शारदीय नवरात्र में अनुष्ठान करने की परंपरा रही है। श्री गुरु महाराज जी ने शारदीय नवरात्रि के महत्व के बारे में भी सभी को बताया।

इससे पहले उन्होंने श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम में भगवान श्री लक्ष्मीनारायण एवं स्मृति स्थल पर श्री गुरु महाराज जी की समाधि स्थल पर प्रार्थना की। जयपुर से आए गायक लोकेश शर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर सुमधुर भजनों पर भक्तों को झुमाया। इस अवसर पर आने वाले सभी भक्तों ने श्री गुरु महाराज जी से आशीर्वाद एवं प्रसाद प्राप्त किया और भोजन प्रसाद भी प्राप्त किया।

दशहरा महोत्सव में आने वाले भक्तों के लिए आश्रम के बाहर परिक्रमा मार्ग पर भी विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट अल्पाहार की व्यवस्था की गई थी। गर्म मौसम को देखते हुए भक्तों को पंखे और जल की भी व्यवस्था की गई।