“मेरे पास गुल्लक भरा है बचपन की यादों का, अठननी चवन्नी में परे होने वाले ख्वाबों का”- रितु गुप्ता मकाम गोष्ठी में

0
330

Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : महिला काव्य मंच फरीदाबाद इकाई की अक्टूबर माह की मासिक गोष्ठी 16 अक्टूबर 2021 को संस्थापक महिला काव्य मंच श्री नरेश नाज़ के सान्निध्य में ऑनलाइन आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मकाम की फरीदाबाद इकाई की अध्यक्ष ड़ॉ प्रतिभा चौहान ने की और श्रीमती श्वेता सिंह ‘उमा’ मास्को से मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुई। विशिष्ट अतिथि के रुप में डॉ दुर्गा सिन्हा ‘उदार’ महासचिव प्रभारी विदेश मकाम तथा डॉ मीरा राम निवास ने काव्य गोष्ठी को शोभा प्रदान की। इकाई की उपाध्यक्ष श्रीमती निर्मला शर्मा निर्मल ने सभी का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का संयोजन व संचालन बहुत खूबसूरती से किया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती रेणु भाटी द्वारा ध्येय गीत तथा श्रीमती रितु अस्थाना द्वारा सुमधुर सरस्वती वंदना से किया गया। श्रीमती रितु गुप्ता जी ने बचपन को याद किया–
“मेरे पास गुल्लक भरा है बचपन ,की नादाँ नटखट उन यादों का…
पाँच,दस ,चवन्नी व अठन्नी में पूरे होने वाले उन ख्वाबों का…. ।
बाल कवि मनोज सैनी नेअपनी कविता मां को समर्पित की–
कहाँ जाऊँ,किसे दिखाऊँ,मेरे दिल का दर्द बढ़ रहा है !
और,मैं खौफ़ज़दा होने लगा हूँ,अब माँ का मर्ज बढ़ रहा है !!
श्रीमती निर्मला शर्मा ‘निर्मल’ जी ने अपनी कविता बेटी को समर्पित करते हुए कहा-“मेरी छोटी सी बेटी बडी हो गई ,जिन्दगी की डगर पर खडी हो गई”। श्रीमती रेणु भाटी जी ने नशे पर प्रहार करते हुए कहा-“सांच बता दो हमें पिया जी, आज क्यों पी कर आये हो।होश नहीं अपनी हालत का,हाथ में बोतल लाये हो”।श्रीमती रितु अस्थाना जी ने आज के माहौल पर व्यंग्य करते हुए कहा– “भाईचारे में पड़ेगी ही दरार, अब 86 लोग आए गांव में”
डॉ बबिता गर्ग सहर ने हिम्मत की बात कुछ इस तरह की-“आर कर पार कर रिपु पर प्रहार कर
बैठ ना तू हार कर सच को स्वीकार कर”।विशिष्ट अतिथि मीरा राम निवास जी ने गरीब की त्रासदी को कुछ यूं बयान किया–
“जेष्ठ मास का हुआ आगाज,
हवाओं ने बदला है मिजाज
सूरज आग उगल रहा
धरा का हृदय झुलस रहा”डॉ.दुर्गा सिन्हा जी ने स्वयं के सशक्तिकरण पर कहा–‘ खुद से खुद की पहचान जरूरी है, अपने इस जीवन पर अभिमान जरूरी है”।मुख्य अतिथि श्रीमती श्वेता सिंह उमा जी ने बेहद खूबसूरती से कहा–“उम्मीद के धागों से कुछ ख्वाब बुनना चाहती हूं,सागर से इश्क के कुछ गौहर चुनना चाहती हूं “अध्यक्ष डॉ प्रतिभा चौहान ने कहा-” उनके अल्फाज और मैं, मेरी कलम और ख्याल उनके”। अंत में उपाध्यक्ष श्रीमती निर्मला शर्मा निर्मल ने आये प्रबुद्ध कलमकारों का आभार व्यक्त किया। जिलाध्यक्ष डॉ प्रतिभा चौहान के कुशल निर्देशन में कार्यक्रम सफल रहा।