महर्षि बाल्मीकि महाकाव्य रामायण ग्रंथ के रचयिता थे : गोपाल शर्मा

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 20 अक्टूबर। उपयुक्त जितेंद्र यादव के कुशल मार्गदर्शन में जिला समाज कल्याण फरीदाबाद के द्वारा महर्षि वाल्मीकि का प्रकाश दिवस खंड स्तर पर बड़खल खंड में एन एच-3 स्थित बौद्ध बिहार समुदायिक भवन के प्रांगण में डॉ बी.आर. अंबेडकर एजुकेशन सोसायटी फरीदाबाद के साथ बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बड़खल उपमंडल के तहसीलदार जसवंत सिंह रहे और अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा के द्वारा की गई। नगर निगम के पार्षद और भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष नरेश नंबरदार विशेष अतिथि के रुप से और  संदीप कुमार जिला कल्याण अधिकारी के विशेष प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित थे। बतौर मुख्य अतिथि तहसीलदार जसवंत सिंह ने कहा कि वाल्मीकि जयंती को भगवान वाल्मीकि के प्रकट उत्सव के तौर पर मनाया जाता है, जो महाकाव्य रामायण के रचनाकार थे। महर्षि वाल्मीकि ने समाज व जनमानस को शिक्षित और चेतन होने का संदेश दिया है। रामायण जैसा ग्रंथ लिख कर वे आज भी हमारे बीच मौजूद हैं। हमे उनकी दी शिक्षाओं का सदैव अनुसरण करना चाहिए।

भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि महर्षि बाल्मीकि जी महाकाव्य रामायण ग्रंथ के रचयिता थे और इसलिए उन्हें महा कवि का दर्जा दिया गया। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा का पहला श्लोक महर्षि बाल्मीकि के मुख से निकला था। हमें महर्षि वाल्मीकि के दिखाए मार्ग पर चल समाज को मजबूत बनाने में अपना सहयोग देना चाहिए। इसके साथ ही अधिक से अधिक साधन विहीन और गरीब लोगों की भलाई के काम करने चाहिए। चाहे वह शिक्षा का काम हो और चाहे पर्यावरण का काम हो। चाहे गरीबों को भोजन देने का काम हो। उन्होंने डॉ भीमराव अंबेडकर एजुकेशन सोसायटी फरीदाबाद के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा के संस्था के चेयरमैन ओ.पी. धामा और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती निर्मल धामा बधाई के पात्र हैं। जो अपनी सेवानिवृत्ति के बाद महर्षि वाल्मीकि जैसे महापुरष सन्तो द्वारा दी शिक्षा पर चलते हुए गरीब लड़कियों और महिलाओं को रोजगारपरक शिक्षा देकर उनको आत्मनिर्भर बना रहे हैं।

डॉ. बी.आर अंबेडकर एजुकेशन सोसायटी फरीदाबाद के चेयरमैन ओ.पी थामा ने कार्यक्रम में उपस्थित अथितियो का स्वागत करते कर संस्था की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया क्या अभी तक इस संस्था के द्वारा 1200  से ज्यादा लड़कियों और महिलाओं को सिलाई, ब्यूटी पार्लर, कंप्यूटर और कौशल विकास मे प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बात पर बल देते हुए कहा कि हमें अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा पढ़ाना चाहिए और समाज में प्रचलित कुरीतियों के खिलाफ एक जन आंदोलन चलाना चाहिए। ओ.पी धामा ने महर्षि वाल्मीकि का प्रकाश दिवस बड़खल खंड में डॉ भीमराव आंबेडकर एजुकेशन सोसायटी के साथ मिलकर आयोजित करने पर जिला प्रशासन व उपायुक्त जितेंद्र यादव का भी विशेष तौर आभार प्रकट किया। वाल्मीकि समाज के वरिष्ठ नेता और समाजसेवी सुनील कंडेरा ने कहा कि हमें महर्षि वाल्मीकि के पद चिन्हों पर चलना चाहिए। नगर निगम के पार्षद नरेश नंबरदार है कहा कि हमें महर्षि वाल्मीकि के जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए। संस्था की डायरेक्टर कोआर्डिनेशन निर्मल धामा ने आए हुए सभी अतिथियों, महानुभावों, गणमान्य व्यक्तियों और प्रेस प्रतिनिधियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उसने अपना बाकी का जीवन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ आंदोलन और कौशल विकास अभियान के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण और उनके उत्थान के लिए समर्पित है और यही महर्षि बाल्मीकि के प्रति सच्ची श्रद्धा है। वरिष्ठ समाजसेवी, दार्शनिक और शिक्षाविद प्रोफेसर डॉक्टर एम.पी सिंह ने मंच का संचालन किया ओर महर्षि बाल्मीकि जी के जीवन दर्शन पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में दयानंद महिला कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर मधु सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों का सफल कार्यक्रम आयोजित करने में विशेष योगदान रहा। इस दौरान संस्था की छात्राओं रिया, शमा ओर रुखसार के द्वारा सुंदर स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। मीनाक्षी और नीलम ने देश भक्ति के गाने पर नृत्य प्रस्तुत किया। आरती ने महर्षि  वाल्मीकि के रूप में एक कविता के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर प्रकाश डाला तथा शिवानी ने महर्षि वाल्मीकि के बारे में अपने विचार रखे।