श्रीकृष्ण चरित्र इस बात का गवाह है कि हमें अपने ही संकट में डालते हैं : स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : सूरजकुंड रोड सेक्टर 44 स्थित श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम (श्री सिद्धदाता आश्रम) में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर दिव्यधाम को कमल के रंगों में रंग दिया गया। अध्यात्म में कमल को भगवान के नयनों की संज्ञा दी जाती है।

इस अवसर पर अधिष्ठाता श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने सभी को दिए अपने प्रवचन में कहा कि श्रीकृष्ण के चरित्र को देखने से पता चलता है कि हमें अपने ही संकट में डालते हैं। हमारे बहुत नजदीक ही हमें दुख देते हैं, हमारे खिलाफ षडयंत्र करते हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि श्री कृष्ण का चरित्र हमें उन सबसे बचने की राह दिखाता है। वहीं भगवान अपने भक्त को कभी भी संकट में नहीं आने देते हैं।

स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने कहा कि व्यक्ति संसार में मौजूद संकटों में जब घिर जाता है तब भगवान और गुरु ही उसके सहाय होते हैं। उन्होंने अनेक उदाहरणों से इस बात को सिद्ध किया। इसके बाद श्री गुरु महाराज ने सीताफल से कान्हा के जन्म की आध्यात्मिक विधि को संपन्न कराया। उसके बाद षोडश उपचार विधि से पूजन कर विभिन्न प्रकार के श्रृंगार करने के बाद भक्तों को भगवान के दर्शन कराए। उन्होंने भक्तों को मक्खन और धनिया की पंजीरी का प्रसाद प्रदान किया। कार्यक्रम में विधायक राजेश नागर, विधायक नीरज शर्मा आदि प्रमुख व्यक्ति भी सम्मिलित हुए।

दिव्यधाम में अनेक भजन गायकों एवं सांस्कृतिक टीमों ने दर्जनों प्रस्तुतियों से भक्तों का मन मोह लिया। वहीं यहां सजाई गईं झांकियों को भी लोगों से सराहना मिली। यहां आए सभी भक्त भोजन प्रसाद प्राप्त कर प्रस्थान किए।