उभरती प्रौद्योगिकी की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो पाठ्यक्रमः कुलपति प्रो. तोमर

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 10 अगस्त। जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के कुलपति प्रो. एस.के. तोमर ने तकनीकी पाठ्यक्रमों को उभरती प्रौद्योगिकी की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने तथा छात्रों को प्रयोगिक विषयों के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया है।
कुलपति रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बीटेक पाठ्यक्रम में संशोधन को लेकर आयोजित पाठ्यक्रम कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर डीन (संस्थान) और डीन (इंस्टीट्यूशन) प्रो संदीप ग्रोवर और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष प्रो राजकुमार भी उपस्थित थे।
कार्यशाला में एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ से प्रो. एस.एस. धामी, आईआईटी दिल्ली से डॉ अर्पण चट्टोपाध्याय, एनआईटी जालंधर से प्रो जोसेफ आनंद वाज, पैक चंडीगढ़ से प्रो संजीव सोफत और आईआईआईटी ऊना से प्रो अमर नाथ गिल विशेषज्ञ सदस्यों के रूप में शामिल हुए और पाठ्यक्रम में उभरती प्रौद्योगिकी के अनुरूप सुधार को लेकर सुझाव दिये।
प्रो. तोमर ने कहा कि विश्वविद्यालय ने हमेशा विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास तथा उद्योग से जुड़े व्यावहारिक अभ्यास को प्राथमिकता दी है। इसी का परिणाम है कि विश्वविद्यालय के छात्रों को उद्योगों द्वारा स्वीकार किया जाता है। इस क्रम को जारी रखने तथा कुशल कार्यबल को लेकर औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने के लिए नियमित अंतराल पर तकनीकी पाठ्यक्रमों की समीक्षा और संशोधन जरूरी है। उन्होंने उभरती प्रौद्योगिकियों पर आधारित पाठ्यक्रमों को लेकर ऐसी कार्यशाला आयोजित करने के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा की गई पहल की सराहना की।
इससे पहले प्रो. राजकुमार ने विशेषज्ञ सदस्यों का स्वागत किया और विभागीय गतिविधियों का संक्षिप्त परिचय दिया। प्रो. राजकुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय ने हमेशा छात्रों की रोजगार क्षमता में सुधार के लिए प्रयोगिक अध्ययन और शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी बीच के अंतर भरने का प्रयास किया है।